पहल:”कैंसर से डरें नहीं, लड़ें!”—श्री महंत इन्दिरेश अस्पताल की जागरूकता पहल

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रुड़की। जनसेवा के पथ पर अग्रसर श्री महंत इन्दिरेश अस्पताल, देहरादून द्वारा शनिवार को श्री गुरु राम राय पब्लिक स्कूल, रुड़की में विशाल कैंसर जागरूकता एवं निःशुल्क स्वास्थ्य परीक्षण शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर में रुड़की एवं आसपास के क्षेत्रों से आए 1518 मरीजों ने विभिन्न चिकित्सा सेवाओं का लाभ उठाया।

शिविर का शुभारंभ बतौर मुख्य अतिथि विधायक प्रदीप बत्रा ने दीप प्रज्ज्वलन कर किया। इस अवसर पर नगर पालिका अध्यक्ष श्रीमती अनीता अग्रवाल, भाजपा जिला अध्यक्ष डॉ. मधु सिंह, समाजसेवी विवेक चौधरी तथा श्री महंत इन्दिरेश अस्पताल के वरिष्ठ कैंसर सर्जन डॉ. पंकज कुमार गर्ग विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।

अपने व्याख्यान में डॉ. पंकज गर्ग ने कहा, “कैंसर से डरना नहीं, बल्कि समय रहते उसका सामना करना जरूरी है।” उन्होंने बताया कि जागरूकता और समय पर जांच के माध्यम से कैंसर की पहचान प्रारंभिक अवस्था में ही हो सकती है, जिससे इलाज अधिक प्रभावशाली होता है। उन्होंने कैंसर के लक्षण, आधुनिक उपचार पद्धतियाँ तथा निवारक उपायों की विस्तृत जानकारी भी साझा की।

शिविर में विभिन्न विभागों के विशेषज्ञ डॉक्टरों ने अपनी सेवाएं दीं, जिनमें कैंसर सर्जन, न्यूरोलॉजिस्ट, हृदय रोग विशेषज्ञ, स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ, शिशु रोग, मनोरोग, नेत्र रोग, दंत चिकित्सा और फिजियोथैरेपी शामिल रहे। मरीजों को निःशुल्क परामर्श के साथ ईसीजी, ब्लड प्रेशर, शुगर जांच एवं दवाइयां भी उपलब्ध कराई गईं।

मुख्य अतिथि विधायक प्रदीप बत्रा ने श्री महंत इन्दिरेश अस्पताल की सेवा भावना की सराहना करते हुए कहा, “अस्पताल द्वारा जनहित में किए जा रहे कार्य अनुकरणीय हैं। ऐसे शिविरों की निरंतरता से आमजन को राहत मिलेगी।” उन्होंने अस्पताल प्रबंधन से अनुरोध किया कि भविष्य में भी ऐसे शिविरों का आयोजन करते रहें।

इस अवसर पर श्री गुरु राम राय पब्लिक स्कूल, रुड़की एवं हरिद्वार के छात्र-छात्राओं, शिक्षकों, अभिभावकों तथा शहरवासियों ने बढ़-चढ़कर सहभागिता की। कार्यक्रम का संचालन सिमरन अग्रवाल ने किया। शिविर की सफलता में प्राचार्य प्रदीप कुमार शर्मा, शिप्रा गुप्ता, बिशम्बरी रावत, रूपेश गैरोला, संजीव कुमार त्यागी, अनिल कुमार शर्मा एवं श्री महंत इन्दिरेश अस्पताल की पीआर टीम — जितेन्द्र यादव, हरिशंकर गौड़, दिनेश रतूड़ी एवं भूपेन्द्र रतूड़ी का विशेष योगदान रहा।

यह शिविर न केवल एक स्वास्थ्य सेवा का माध्यम बना, बल्कि समाज में कैंसर जैसे गंभीर रोग के प्रति जागरूकता फैलाने का एक मजबूत प्रयास भी सिद्ध हुआ।

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