गुरुकुल कांगड़ी समविश्वविद्यालय में परंपरा और प्रगति का संगम, प्रो. लूथरा ने संभाला कार्यभार

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हरिद्वार। गुरुकुल कांगड़ी समविश्वविद्यालय की माता लाल देवी यज्ञशाला में सोमवार को एक गरिमामय वैदिक अनुष्ठान के बीच नवनियुक्त कुलपति प्रोफेसर प्रतिभा मेहता लूथरा ने यज्ञ में आहुतियाँ अर्पित कर अपने कार्यकाल की शुभ शुरुआत की। वैदिक मंत्रों की पवित्र ध्वनियों से गुंजायमान वातावरण में निवर्तमान कुलपति प्रो. हेमलता कृष्णमूर्ति ने भी सहभागी होकर गुरुकुल परंपरा के प्रति अपनी भावनात्मक आस्था व्यक्त की। यज्ञ का विधिवत संचालन यज्ञ ब्रह्मा डॉ. वेदव्रत ने कराया।

अपने प्रथम संदेश में कुलपति प्रो. प्रतिभा एम. लूथरा ने कहा कि “गुरुकुल केवल एक संस्था नहीं, बल्कि एक संस्कार है। इसकी मर्यादा, महिमा और गौरव को नई ऊँचाइयों पर ले जाना मेरा संकल्प है। हम सब मिलकर विश्वविद्यालय को उत्कृष्टता के शिखर पर पहुँचाएंगे।”

स्वागत वक्तव्य में प्रो. ब्रह्मदेव ने विश्वविद्यालय के नए दौर की शुरुआत का आह्वान करते हुए कहा कि गुरुकुल ने सदैव नारी-शिक्षा और समाजोत्थान में इतिहास रचा है। उन्होंने विश्वास जताया कि प्रो. लूथरा, आर्य समाज की उज्ज्वल धरोहर से प्रेरित होकर विश्वविद्यालय को विकास के नए प्रकाशपथ पर अग्रसर करेंगी।

कुलसचिव डॉ. विपुल शर्मा ने कहा कि शिक्षा मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा रेगुलेशन–2023 के अंतर्गत प्रो. प्रतिभा एम. लूथरा की नियुक्ति विश्वविद्यालय में नई दिशा और ऊर्जा का संचार करेगी।

विदाई संबोधन में निवर्तमान कुलपति प्रो. हेमलता कृष्णमूर्ति ने भावनात्मक स्वर में कहा कि विश्वविद्यालय की प्रगति एक अखंड साधना है। उन्होंने भरोसा जताया कि प्रो. लूथरा के नेतृत्व में गुरुकुल नई ऊँचाइयों को प्राप्त करेगा और अपनी गौरवशाली परंपरा को नए आयाम देगा।

कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के सभी शिक्षक, शिक्षकेत्तर कर्मचारी और छात्र-छात्राएँ उपस्थित रहे।

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