“इम्पावर्ड नर्सेज सेव लाइव्स” : SGRRU में नर्सिंग छात्राओं ने सेवा-संकल्प के साथ रचा नया इतिहास

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देहरादून। श्री गुरु राम राय विश्वविद्यालय के स्कूल ऑफ नर्सिंग द्वारा अंतरराष्ट्रीय नर्सेज दिवस पूरे उत्साह, गरिमा और सांस्कृतिक उल्लास के साथ मनाया गया। कार्यक्रम में सेवा, समर्पण और मानवता के मूल्यों को केंद्र में रखते हुए नर्सिंग पेशे की महत्ता को रेखांकित किया गया। इस अवसर पर श्री महंत इन्दिरेश अस्पताल के नर्सिंग स्टाफ ने एक-दूसरे को शुभकामनाएं देते हुए मरीजों की सेवा के प्रति अपने संकल्प को दोहराया।

मंगलवार को आयोजित समारोह का शुभारंभ उत्तराखण्ड नर्सेज एंड मिडवाइव्स काउंसिल कीU कुलसचिव डाॅ. मनीषा ध्यानी, विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. (डाॅ.) के. प्रतापन, प्रो. डॉ. मालविका कांडपाल, प्रो. डॉ. ओम नारायण त्रिपाठी, डॉ. कीर्ति सिंह तथा स्कूल ऑफ नर्सिंग की डीन प्रो. डॉ. जी. रामालक्ष्मी ने फ्लोरेंस नाइटिंगेल के चित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर किया। सरस्वती वंदना की प्रस्तुति ने समारोह को आध्यात्मिक आभा प्रदान की।

मुख्य अतिथि डॉ. मनीषा ध्यानी ने कहा कि नर्सें केवल उपचार का माध्यम नहीं, बल्कि हर पीड़ित चेहरे पर विश्वास और उम्मीद की रोशनी होती हैं। उन्होंने कहा कि नर्सों की संवेदनशीलता और सेवा भावना ही स्वास्थ्य व्यवस्था की वास्तविक शक्ति है। वहीं कुलपति प्रो. के. प्रतापन ने कहा कि किसी भी अस्पताल की असली पहचान उसकी मशीनों से नहीं, बल्कि वहां कार्यरत नर्सों की करुणा, अनुशासन और समर्पण से होती है।

स्कूल ऑफ नर्सिंग की डीन प्रो. डॉ. जी. रामालक्ष्मी ने बताया कि इस वर्ष अंतरराष्ट्रीय नर्सेज दिवस की थीम “अवर नर्सेज, अवर फ्यूचर : इम्पावर्ड नर्सेज सेव लाइव्स” रखी गई है। उन्होंने कहा कि नर्सिंग केवल पेशा नहीं, बल्कि मानवता की सबसे बड़ी सेवा है।

कार्यक्रम में 350 से अधिक बीएससी नर्सिंग, जीएनएम एवं एएनएम छात्र-छात्राओं ने लैंप लाइटिंग सेरेमनी में भाग लेते हुए मरीजों की संवेदनशील देखभाल और उत्कृष्ट सेवा की शपथ ली। इसj दौरान डॉ. पोनमारी ने स्कूल ऑफ नर्सिंग की वार्षिक रिपोर्ट प्रस्तुत कर संस्थान की उपलब्धियों और गतिविधियों की जानकारी साझा की।

सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने समारोह को यादगार बना दिया। लोकधुनों, पारंपरिक नृत्यों और रंग-बिरंगी प्रस्तुतियों ने भारत की सांस्कृतिक विविधता को जीवंत रूप में मंच पर उतारा। फैशन शो प्रतियोगिता में संजना उनियाल प्रथम, भावना एवंn मुस्कान संयुक्त रूप से द्वितीय तथा आरोही तृतीय स्थान पर रहीं।

“प्रादेशिक विविधता” कार्यक्रम विशेष आकर्षण का केंद्र रहा, जिसमें उत्तराखण्ड, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, बिहार, मणिपुर और तिब्बत की संस्कृति, लोकपरंपराओं और वेशभूषा की शानदार झलक प्रस्तुत की गई। प्रतियोगिता में उत्तराखण्ड ने प्रथम, तिब्बत ने द्वितीय तथा मणिपुर और बिहार ने संयुक्त रूप से तृतीय स्थान प्राप्त किया।

समारोह में सप्ताहभर आयोजितm विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेताओं को सम्मानित किया गया। नेशनल ड्रॉप बॉल टीम चैम्पियनशिप में प्रतिभाग करने वाली एसजीआरआर विश्वविद्यालय की छात्राओं अंजलि यादव, आकांक्षा, दिया रावत, साक्षी सुहानी एवं आकांक्षा शर्मा को विशेष सम्मान दिया गया। वहीं वेस्ट वॉरियर टीम के राहुल एवं उनकी टीम को भी उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए सम्मानित किया गया। कार्यक्रम के सफल आयोजन में डॉ. दिनेश्वरी, रिबैका, कीर्ति हरजाई, रीना कंचन नौटियाल और कोमल सहित अनेक लोगों का विशेष योगदान रहा।

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