देहरादून। आर्थिक और पारिवारिक कठिनाइयों के कारण शिक्षा से वंचित होने की स्थिति में पहुंची 39 बालिकाओं को जिला प्रशासन देहरादून ने अपनी महत्वाकांक्षी परियोजना “नंदा-सुनंदा” के तहत नई राह दिखाई। कलेक्ट्रेट स्थित ऋषिपर्णा सभागार में आयोजित कार्यक्रम में जिलाधिकारी सविन बंसल ने कुल 12.98 लाख रुपये की सहायता राशि के चेक वितरित कर बालिकाओं की उच्च एवं स्कूली शिक्षा को आगे बढ़ाने का संबल दिया।
“नंदा-सुनंदा” के 15वें संस्करण में प्राथमिक स्तर की 12, अपर प्राथमिक की 9, माध्यमिक की 5, वरिष्ठ माध्यमिक की 7, स्नातक की 5 तथा स्नातकोत्तर स्तर की 1 छात्रा को सहायता प्रदान की गई। कार्यक्रम के दौरान कई भावुक क्षण देखने को मिले, जब बालिकाओं और उनकी माताओं ने अपने संघर्षों की कहानी साझा की। कई छात्राओं ने बताया कि पिता के निधन, आर्थिक तंगी और पारिवारिक संकट के चलते उनकी पढ़ाई रुकने की कगार पर पहुंच गई थी।
इस अवसर पर जिलाधिकारी सविन बंसल ने कहा कि परिस्थितियां चाहे कितनी भी कठिन क्यों न हों, मजबूत इच्छाशक्ति और शिक्षा के माध्यम से जीवन में आगे बढ़ा जा सकता है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन में संचालित यह परियोजना उन बेटियों तक सहायता पहुंचाने का प्रयास है, जिनकी शिक्षा आर्थिक कारणों से प्रभावित हो रही है। उन्होंने इसे केवल आर्थिक सहयोग नहीं बल्कि बेटियों के सपनों को नई उड़ान देने वाला अभियान बताया।
मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह ने छात्राओं को शिक्षा के प्रति समर्पित रहने और भविष्य में स्वयं सक्षम बनकर समाज के अन्य जरूरतमंद लोगों की मदद करने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है कि किसी भी बच्चे की पढ़ाई आर्थिक अभाव में बाधित न हो।
कार्यक्रम में कई प्रेरणादायक उदाहरण सामने आए। एमएससी की छात्रा अंशिका शर्मा, बीसीए की छात्रा मदीहा बेग, बीएससी नर्सिंग की छात्रा आंचल पुण्डीर, बीएससी ओटीटी की छात्रा हर्षिता, बीए-बीएड की छात्रा अमृता शर्मा और बीएससी की छात्रा तनिष्का मेहर ने बताया कि सहायता मिलने से उनकी शिक्षा को नया जीवन मिला है।
जिला प्रशासन के अनुसार, अब तक इस परियोजना के तहत 175 बालिकाओं की शिक्षा को पुनर्जीवित किया जा चुका है तथा कुल 57 लाख रुपये की सहायता राशि वितरित की गई है। योजना के अंतर्गत प्राथमिक से लेकर पीएचडी, एमबीबीएस, एएनएम, सिविल इंजीनियरिंग, होटल मैनेजमेंट और स्किल डेवलपमेंट तक विभिन्न क्षेत्रों की छात्राओं को लाभ मिला है।
