हरिद्वार। गुरुकुल कांगड़ी सम विश्वविद्यालय के अभियांत्रिकी एवं प्रौद्योगिकी संकाय के विद्यार्थियों ने एक अभिनव “क्वाड प्लेन हाइब्रिड कम्युनिकेशन आरसी प्लेन (ड्रोन)” विकसित किया है। यह अत्याधुनिक विमान सीमावर्ती क्षेत्रों में तैनात सैनिकों तक आपातकालीन खाद्य सामग्री, दवाइयाँ और अन्य जरूरी सामान तेजी से पहुंचाने में सक्षम होगा।
इलेक्ट्रॉनिक्स एवं कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग विभाग के अंतिम वर्ष के छात्रों सुब्रत मंडल, राहुल कठोर, अभिजीत हर्ष, तरुष, हर्ष राज, सूरज कुमार और मुहम्मद उमेर ने इस परियोजना को विभागाध्यक्ष प्रो. विपुल शर्मा तथा युवा वैज्ञानिक डॉ. अतुल वार्ष्णेय के मार्गदर्शन में तैयार किया है।
छात्रों द्वारा विकसित इस हाइब्रिड क्वाड प्लेन की खासियत इसकी पूर्णतः स्वचालित मोटर प्रणाली और प्रतिकूल मौसम में भी संतुलन बनाए रखने की क्षमता है। यह सीधे ऊर्ध्वाधर उड़ान भर सकता है तथा कठिन भौगोलिक परिस्थितियों में भी प्रभावी ढंग से कार्य कर सकता है।
संकायाध्यक्ष प्रो. मयंक अग्रवाल ने इस उपलब्धि को विश्वविद्यालय के लिए गौरवपूर्ण बताते हुए कहा कि विभाग के विद्यार्थी लगातार शोध और तकनीकी नवाचारों के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस परियोजना ने छात्रों की तकनीकी दक्षता को राष्ट्रीय स्तर पर स्थापित किया है।
विभागाध्यक्ष प्रो. विपुल शर्मा ने बताया कि इस परियोजना पर पिछले तीन वर्षों से लगातार कार्य किया जा रहा था। हाल ही में संकाय परिसर में इसका सफल रिहर्सल भी किया गया, जिसमें इसकी उड़ान क्षमता और संतुलन प्रणाली का प्रदर्शन हुआ।
डॉ. अतुल वार्ष्णेय के अनुसार, लगभग 2.7 किलोग्राम वजन वाले इस क्वाड प्लेन की मोटरें 7 से 8 किलोग्राम तक का थ्रस्ट उत्पन्न करती हैं, जिससे यह करीब 4 किलोग्राम तक का भार वहन कर सकता है। इसे विशेष रूप से सीमावर्ती क्षेत्रों में सैनिकों तक आवश्यक सामग्री पहुंचाने के उद्देश्य से डिजाइन किया गया है।
सहायक कुलसचिव डॉ. पंकज कौशिक ने बताया कि यह क्वाड प्लेन आधुनिक तकनीक से लैस है और सैन्य तथा आपदा राहत कार्यों में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने इस सफल परीक्षण पर छात्रों और शोधकर्ताओं को बधाई देते हुए उनके प्रयासों की सराहना की है।
