एसआरएचयू अध्यक्ष डॉ. विजय धस्माणा का आह्वान—ईमानदारी और कर्तव्यनिष्ठा से ही बनेगा विकसित भारत

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देहरादून/डोईवाला। स्वामी राम हिमालयन विश्वविद्यालय (एसआरएचयू), जौलीग्रांट में 80वां स्वतंत्रता दिवस हर्षोल्लास और देशभक्ति के जज्बे के साथ मनाया गया। कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के अध्यक्ष डॉ. विजय धस्माणा ने सभी से राष्ट्र की प्रगति और विकास में अपना पूर्ण योगदान देने का आह्वान किया।

कार्यक्रम की शुरुआत अध्यक्ष डॉ. विजय धस्माणा द्वारा विश्वविद्यालय परिसर स्थित शौर्य दीवार पर वीर शहीद सैनिकों के चित्रों पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें नमन करने के साथ हुई। इसके बाद उन्होंने परिसर में राष्ट्रीय ध्वज फहराया। छात्र-छात्राओं ने देशभक्ति से प्रेरित गीतों पर भावपूर्ण और मनमोहक प्रस्तुतियां देकर वातावरण को राष्ट्रभक्ति से सराबोर कर दिया।

अपने संबोधन में डॉ. विजय धस्माणा ने राष्ट्र निर्माण में शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा, अनुसंधान और नवाचार के माध्यम से एसआरएचयू के योगदान को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता केवल अधिकार नहीं, बल्कि समाज और राष्ट्र के प्रति जिम्मेदारी का भी प्रतीक है। इसी भावना के अनुरूप एसआरएचयू ज्ञान और कौशल को समाज की जरूरतों से जोड़कर निरंतर सेवा के लिए प्रतिबद्ध है।

उन्होंने कहा कि आजादी हमें अपने नागरिक और राष्ट्रीय कर्तव्यों के निर्वहन का एहसास कराती है। साथ ही यह जिम्मेदारी भी देती है कि शहीदों और स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदान से मिली स्वतंत्रता की गरिमा को सदैव अक्षुण्ण रखा जाए। इस दौरान उन्होंने विश्वविद्यालय की महत्वपूर्ण उपलब्धियों को भी साझा किया।

डॉ. धस्माणा ने कहा कि यदि देश से भ्रष्टाचार को समाप्त करना है तो प्रत्येक व्यक्ति को अपने कार्य के प्रति ईमानदार और कर्तव्यनिष्ठ होना होगा। उन्होंने कहा कि जब हम अपने कार्य को सच्ची निष्ठा और ईमानदारी से करेंगे, तभी देश की प्रगति में सार्थक भागीदारी सुनिश्चित कर सकेंगे।

कार्यक्रम में कुलपति डॉ. राजेंद्र डोभाल, महानिदेशक (शैक्षणिक विकास) डॉ. विजेंद्र चौहान, प्रति कुलपति डॉ. ए.के. देवरारी, डॉ. रेनू धस्माणा, कुलसचिव सहित विश्वविद्यालय के अधिकारी, कर्मचारी और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।

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