अखिल अखण्ड परशुराम अखाड़ा के नेतृत्व में बड़ा प्रदर्शन, सरकार से नीतियों पर पुनर्विचार की मांग

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हरिद्वार। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) की नीतियों के विरोध में सामान्य वर्ग के लोगों का आक्रोश सड़कों पर खुलकर सामने आया। अखिल अखण्ड परशुराम अखाड़ा हरिद्वार के नेतृत्व में सैकड़ों लोगों ने मशाल जुलूस निकालते हुए जोरदार प्रदर्शन किया और केंद्र सरकार से नीतियों पर पुनर्विचार की मांग की। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि मांगें नहीं मानी गईं तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।

शहर के प्रमुख मार्गों से निकले इस मशाल जुलूस में युवाओं, छात्रों और विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। हाथों में मशालें और तख्तियां लेकर प्रदर्शनकारी यूजीसी के खिलाफ नारेबाजी करते रहे। प्रदर्शन का नेतृत्व अखाड़े के संतों और पदाधिकारियों ने किया।

इस दौरान स्वामी यति नरसिंहानंद ने कहा कि यूजीसी की वर्तमान नीतियां सामान्य वर्ग के छात्रों के भविष्य के साथ अन्याय कर रही हैं। उनका आरोप था कि इन फैसलों से मेधावी विद्यार्थियों के अवसर सीमित हो रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि सरकार ने जल्द सकारात्मक पहल नहीं की तो आंदोलन को राष्ट्रीय स्तर तक ले जाया जाएगा।

प्रदर्शनकारियों ने जिला प्रशासन के माध्यम से राष्ट्रपति और केंद्र सरकार के नाम ज्ञापन सौंपते हुए विवादित नीतियों को वापस लेने तथा सभी वर्गों के छात्रों के लिए समान अवसर सुनिश्चित करने की मांग की। कार्यक्रम के दौरान पुलिस और प्रशासन की ओर से सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए और पूरा प्रदर्शन शांतिपूर्ण रहा।

अखाड़े के अध्यक्ष अधीर कौशिक ने कहा कि यह आंदोलन छात्रों के अधिकारों की रक्षा के लिए शुरू किया गया है और जरूरत पड़ने पर इसे व्यापक स्तर पर ले जाया जाएगा।
फिलहाल यूजीसी की नीतियों को लेकर शुरू हुआ यह विरोध आगे किस रूप में सामने आएगा, इस पर सबकी नजर बनी हुई है।

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