हिम्स जौलीग्रांट की राष्ट्रीय सीएमई में गूँजी आवाज—‘मधुमेह से लड़ाई जीवनशैली सुधार से ही संभव

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डोईवाला। विश्व मधुमेह दिवस के अवसर पर हिमालयन इंस्टिट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज़ (हिम्स) जौलीग्रांट में मधुमेह नियंत्रण और रोकथाम को लेकर राष्ट्रीय स्तर की सीएमई का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य ग्लाइसेमिक नियंत्रण से आगे बढ़कर जीवनशैली आधारित समग्र स्वास्थ्य दृष्टिकोण को बढ़ावा देना रहा। आयोजन का शुभारंभ दीप प्रज्वलन एवं गुरु वंदना के साथ हुआ।

सीएमई को संबोधित करते हुए हिम्स की प्राचार्य डॉ. रेनू धस्माना ने कहा कि मधुमेह एक व्यापक जीवनशैली संबंधी समस्या बन चुकी है, जिसके लिए बहु-विषयी प्रयासों की आवश्यकता है। उन्होंने योग, संतुलित आहार और नियमित व्यायाम को मधुमेह प्रबंधन की अनिवार्य कड़ी बताया।
ASSOPI के महासचिव प्रो. (डॉ.) जीके पाल ने कहा कि तनाव प्रबंधन और मानसिक स्वास्थ्य, डायबिटीज कंट्रोल में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

कार्यक्रम में शरीर क्रिया विज्ञान विभागाध्यक्ष डॉ. आभा श्रीवास्तव ने देशभर से आए 350 से अधिक प्रतिभागियों का स्वागत किया। उन्होंने बताया कि मेडिकल शिक्षकों, विशेषज्ञ चिकित्सकों और पीजी छात्रों की सक्रिय भागीदारी ने सीएमई को सफल बनाया। आयोजन में डॉ. बृजेश पुरवार, डॉ. अनुपमा नौटियाल, डॉ. रामकुमार एस और डॉ. देबरशी नंदी ने अहम भूमिका निभाई।

धन्यवाद ज्ञापन डॉ. ज्योति द्विवेदी ने किया। इस अवसर पर उप-प्राचार्य डॉ. अनुराधा कुसुम और फार्माकोलॉजी विभागाध्यक्ष डॉ. तरूणा शर्मा भी उपस्थित रहीं।

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