आस्था नहीं डगमगाई, हौसला नहीं टूटा – विपत्ति में भी जारी रहा हेमकुंट साहिब का सफ़र

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चमोली डेस्क/
पंजाब में आई विनाशकारी बाढ़ और प्राकृतिक आपदा की भयावह परिस्थितियों के बीच भी सिख श्रद्धालुओं की अटूट आस्था एवं निष्ठा का अद्भुत उदाहरण हिमालय की ऊँचाइयों पर स्थित श्री हेमकुंट साहिब में देखने को मिल रहा है। कठिन पहाड़ी मार्ग, प्रतिकूल मौसम और आपदाजनित चुनौतियों के बावजूद हजारों श्रद्धालु अपनी धार्मिक आस्था से प्रेरित होकर दर्शन हेतु यहाँ पहुंच रहे हैं। यह दृश्य सिख धर्म की मूल भावना ‘चढ़दी कला’ को साकार करता है, जहाँ विपरीत परिस्थितियों में भी उत्साह और सकारात्मकता बनी रहती है।

पंजाब में हाल की बाढ़ ने लाखों लोगों के जीवन को प्रभावित किया है—घर-बार उजड़े, सड़कें बह गईं और मूलभूत सुविधाएं बाधित हो गईं। इसके बावजूद श्रद्धालु अपनी यात्रा को रोकने के बजाय और दृढ़ निश्चय के साथ श्री हेमकुंट साहिब की ओर अग्रसर हो रहे हैं। तीर्थयात्रियों का कहना है कि परमात्मा में विश्वास उन्हें हर कठिनाई से लड़ने की शक्ति देता है। एक श्रद्धालु ने भावुक स्वर में कहा, “बाढ़ ने सब कुछ छीन लिया, पर वाहेगुरु की कृपा से हम यहां दर्शन के लिए आए हैं। यह यात्रा हमें नई ऊर्जा देती है।”

गौरतलब है कि श्री हेमकुंट साहिब का कपाट आगामी 10 अक्टूबर को शीतकालीन अवकाश हेतु बंद हो जाएगा। सर्दियों में भारी बर्फबारी के चलते इस तीर्थ की यात्रा असंभव हो जाती है। सीमित समय में भी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं का यहां पहुंचना उनके दृढ़ संकल्प और आस्था की गहराई को दर्शाता है।

हेलीकॉप्टर सेवा बहाल होगी
श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में 15 सितंबर से श्री हेमकुंट साहिब के लिए हेलीकॉप्टर सेवा पुनः शुरू की जा रही है। यह सेवा विशेषकर उन श्रद्धालुओं के लिए सहायक होगी जो कठिन पैदल मार्ग तय करने में असमर्थ हैं या समयाभाव के कारण शीघ्र दर्शन करना चाहते हैं।

स्थानीय प्रशासन एवं गुरुद्वारा प्रबंधन समिति सुरक्षा, चिकित्सा सुविधा और सुगम मार्ग सुनिश्चित करने के लिए निरंतर प्रयासरत है। हेलीकॉप्टर सेवा की बहाली इस प्रतिबद्धता को और सशक्त बनाती है कि हर श्रद्धालु को सुरक्षित और सहज रूप से दर्शन का अवसर मिल सके।

संदेश
श्री हेमकुंट साहिब की यह यात्रा न केवल धार्मिक महत्व की है, बल्कि यह संदेश भी देती है कि विपरीत परिस्थितियों में भी आस्था और चढ़दी कला की भावना इंसान को मजबूत बनाती है। यह दृश्य हम सभी के लिए प्रेरणास्रोत है कि कठिन समय में भी उम्मीद और विश्वास की लौ कभी बुझनी नहीं चाहिए।

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