चिकित्सा उत्कृष्टता की मिसाल: हिम्स जौलीग्रांट में जटिल गर्भावस्था का सफल अंत

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देहरादून। हिमालयन इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (हिम्स), जौलीग्रांट में नववर्ष 2026 की शुरुआत खुशियों के साथ हुई। 1 जनवरी की रात ठीक 12 बजे एक नवजात शिशु का जन्म हुआ, जिससे परिवार और अस्पताल परिसर में उल्लास का माहौल बन गया।
हिम्स जौलीग्रांट के प्रसूति एवं स्त्री रोग विभाग की अध्यक्ष डॉ. रूचिरा नौटियाल ने बताया कि नई टिहरी निवासी अलका देवी पत्नी दीपक की गर्भावस्था उच्च जोखिम श्रेणी में थी। उन्हें पूर्व गर्भावस्था में उच्च रक्तचाप की समस्या रही थी तथा पिछली बार शिशु की मृत्यु हो चुकी थी। इसके बावजूद चिकित्सकों की विशेष निगरानी और सतत देखरेख में सामान्य प्रसव के जरिए शिशु का सुरक्षित जन्म कराया गया।
नवजात शिशु का वजन 2.31 किलोग्राम है। जन्म के बाद उसकी स्थिति स्थिर है। एपगार स्कोर 1, 5 और 10 मिनट पर क्रमशः 8, 9 और 10 रहा, जो शिशु के अच्छे स्वास्थ्य का संकेत है।
इस सफल प्रसव में डॉ. रूचिरा नौटियाल के नेतृत्व में डॉ. दीपशिखा राजपूत, डॉ. महरुख, डॉ. नैन्सी और डॉ. आकांक्षा की टीम ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। चिकित्सकों ने बताया कि मां और शिशु दोनों स्वस्थ हैं और जल्द ही उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी जाएगी।
चिकित्सक टीम की इस सफलता ने नववर्ष की शुरुआत को आशा, विश्वास और खुशियों से भर दिया है।

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