एनजीए ऑडिटोरियम में गूँजा भारतीय सेना की बहादुरी और अनुशासन का संदेश

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ऋषिकेश/निर्मल आश्रम ज्ञान दान अकादमी (एनजीए) के ऑडिटोरियम में सोमवार को भारतीय सेना की वीरता और अनुशासन का अद्भुत संगम देखने को मिला। रायवाला कैंट से आए आर्मी कैप्टन मयंक सैन व उनकी टीम ने विद्यार्थियों को सेना के ऐतिहासिक ऑपरेशन सिंदूर की रोमांचक गाथा सुनाई।

कार्यक्रम में एनजीए, एनडीएस और डीएसबी विद्यालयों के सैकड़ों विद्यार्थी शामिल हुए। कैप्टन मयंक सैन ने विस्तार से बताया कि किस तरह भारतीय सेना ने जम्मू-कश्मीर की धरती पर विकास और समृद्धि की राह में बाधा बने आतंकी ठिकानों को चुन-चुनकर नेस्तनाबूद किया। उन्होंने विशेष रूप से सैयदना बिलाल कैंप के ध्वस्तीकरण की सफलता का उल्लेख किया, जिसने आतंकवादियों की रीढ़ तोड़ दी।

कार्यक्रम का शुभारंभ एनडीएस प्रिंसिपल श्रीमती ललिता कृष्णस्वामी ने स्वागत भाषण से किया, जबकि समापन पर एनजीए प्रिंसिपल डॉ. सुनीता शर्मा ने सेना के साहस और समर्पण को नमन करते हुए आभार व्यक्त किया। इस दौरान तीनों विद्यालयों की ओर से कैप्टन मयंक सैन व उनकी टीम को स्मृति-चिन्ह भेंट किए गए।

इस मौके पर एनजीए प्रशासनिक अधिकारी विनोद बिजल्वाण, समन्वयक सोहन सिंह कैन्तूरा, खेल प्रशिक्षक दिनेश पैन्यूली समेत विद्यालयों के शिक्षकगण व गणमान्य बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।

विद्यार्थियों ने माना कि यह व्याख्यान केवल ज्ञानवर्धन ही नहीं बल्कि उनके भीतर राष्ट्रप्रेम, अनुशासन और जिम्मेदारी की नई ऊर्जा भी भर गया।

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