CBI अधिकारी सेमवाल की अगुवाई में सफाई अभियान

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देहरादून। मातावाला बाग—एक ऐसा नाम, जो अब तक हरियाली, श्रद्धा और अखाड़े की परंपरा से जुड़ा था। लेकिन हाल की घटनाओं ने इस पावन स्थल की आड़ में फल-फूल रहे अपराधों का चौंकाने वाला सच उजागर कर दिया है। पेड़ों की कटाई का झूठ फैलाकर जनभावनाओं को भड़काने की कोशिश करने वालों की साजिश अब जनता के सामने है।

श्री दरबार साहिब प्रबंधन द्वारा लगाए गए सूचना बोर्ड अब सच्चाई का आईना बनकर खड़े हैं। इन बोर्डों पर क्रमबद्ध ढंग से पेड़ों की संख्या अंकित है, जो यह सिद्ध करता है कि बाग का एक-एक पेड़ सुरक्षित है। यह केवल एक सूचना नहीं, बल्कि उन सभी झूठी अफवाहों का करारा जवाब है जो सोशल मीडिया और सड़कों पर फैलाए जा रहे हैं।

सच्चाई तब सामने आई जब एसजीआरआर विश्वविद्यालय के कृषि संकाय के छात्र-छात्राओं ने सफाई अभियान के दौरान बाग में शराब की खाली बोतलें, मांस के टुकड़े, और नशीले पदार्थों के पैकेट बरामद किए। यह दृश्य न केवल चौंकाने वाला था, बल्कि शर्मनाक भी—एक धार्मिक स्थल की गरिमा को कुछ असामाजिक तत्वों ने कलंकित कर डाला था।

इन तत्वों ने सिर्फ नशा ही नहीं फैलाया, बल्कि अखाड़े व मंदिर में खुद तोड़फोड़ कर उसे दरबार साहिब की ओर मोड़ने की साजिश रची। परंतु झूठ की उम्र लंबी नहीं होती—फोटो, गवाह, और घटनाक्रमों ने असली गुनहगारों की पहचान उजागर कर दी।

श्री दरबार साहिब के वर्तमान प्रबंधक, श्री मधुसूदन सेमवाल—जो कि एक सेवानिवृत्त CBI व NSA अधिकारी हैं—ने बाग की पवित्रता को बचाने के लिए मोर्चा संभाल लिया है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा है, “हम बाग को नशे और अपराध से मुक्त करके ही दम लेंगे। यह हमारी जिम्मेदारी है और इसे हम हर हाल में निभाएंगे।”

बाग के पूर्व अखाड़ा संचालक और द्रोणाचार्य लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड विजेता श्री पवन शर्मा ने वर्षों तक यहां कुश्ती की परंपरा को जीवित रखा। उनके सेवानिवृत्ति के बाद कुछ बाहरी तत्वों ने मौके का फायदा उठाया और बाग को अपराध का अड्डा बना दिया। मगर अब उनकी दुकान बंद हो चुकी है।

श्री दरबार साहिब प्रबंधन ने पहलवानों के लिए मथुरावाला में वैकल्पिक भूमि भी निर्धारित कर दी है, ताकि परंपरा और अनुशासन दोबारा स्थापित हो सके।

अब मातावाला बाग नशे का अड्डा नहीं, बल्कि जागरूकता, सुरक्षा और सत्य का प्रतीक बनेगा। यह संदेश स्पष्ट है—जो भी कानून, आस्था और पर्यावरण के खिलाफ जाएगा, उसे जवाब ज़रूर मिलेगा।

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