देहरादून। कैबिनेट मंत्री एवं ग्राम्य विकास मंत्री गणेश जोशी के जन्मदिवस (31 जनवरी) के अवसर पर आयोजित “सेवा सप्ताह” के तहत जनसेवा की भावना को साकार करते हुए ग्राम्य विकास विभाग द्वारा ग्रामोत्थान परियोजना (रिप) के अंतर्गत ड्रजरी न्यूनीकरण उपकरण एवं स्मार्टफोन वितरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम देहरादून के एक निजी होटल में संपन्न हुआ, जिसमें मंत्री गणेश जोशी मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।
कार्यक्रम में मंत्री गणेश जोशी ने 8 क्लस्टर लेवल फेडरेशन (सीएलएफ) एवं 45 ग्राम संगठनों से जुड़ी महिलाओं को कुल 1575 श्रम-न्यूनीकरण उपकरण वितरित किए। इसके साथ ही देहरादून जनपद की 26 एवं हरिद्वार जनपद की 16 पशु सखियों को स्मार्टफोन प्रदान किए गए। इस अवसर पर स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं ने मंत्री का केक काटकर जन्मदिवस मनाया और उनके दीर्घायु व उत्तम स्वास्थ्य की कामना की।
अपने संबोधन में मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि ग्रामीण महिलाएं कृषि, पशुपालन और घरेलू कार्यों में प्रतिदिन अत्यधिक शारीरिक श्रम करती हैं। आज भी निराई-गुड़ाई, चारा संग्रहण और प्रसंस्करण जैसे कार्य पारंपरिक तरीकों से किए जाते हैं। ऐसे में श्रम-न्यूनीकरण उपकरण महिलाओं के श्रम को कम करने, उत्पादकता बढ़ाने, समय की बचत करने के साथ-साथ उनके स्वास्थ्य और सम्मान की रक्षा में सहायक सिद्ध होंगे। इससे महिलाएं अपनी ऊर्जा आय-वर्धक गतिविधियों, बच्चों की शिक्षा और परिवार के समग्र विकास में बेहतर ढंग से लगा सकेंगी।
मंत्री ने कहा कि पशु सखियां ग्रामीण पशुपालन व्यवस्था की मजबूत रीढ़ हैं, जो पशु स्वास्थ्य, टीकाकरण, प्राथमिक उपचार और पशुपालकों को वैज्ञानिक परामर्श देने का महत्वपूर्ण कार्य कर रही हैं। स्मार्टफोन मिलने से वे रियल-टाइम रिपोर्टिंग, ऑनलाइन प्रशिक्षण, विभागीय समन्वय और प्रभावी मॉनिटरिंग कर सकेंगी, जिससे पशुपालन सेवाएं और अधिक डिजिटल, पारदर्शी एवं प्रभावी बनेंगी।
उन्होंने कहा कि ग्रामोत्थान परियोजना केवल एक विकास कार्यक्रम नहीं, बल्कि ग्रामीण महिलाओं के आत्मविश्वास, नेतृत्व और आत्मनिर्भरता की सशक्त यात्रा है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य सरकार स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से महिलाओं को सशक्त बनाने और आजीविका संवर्धन के लिए निरंतर कार्य कर रही है। मंत्री ने बताया कि प्रदेश में अब तक 1.72 लाख महिलाएं ‘लखपति दीदी’ बन चुकी हैं।
कार्यक्रम में रिप परियोजना निदेशक झरना कमठान, उपायुक्त नरेश कुमार, महेंद्र सिंह यादव, विक्रम सिंह, सोनम गुप्ता सहित बड़ी संख्या में स्वयं सहायता समूहों की महिलाएं उपस्थित
