श्री दरबार साहिब बना लोकभाषा संरक्षण का साक्षी, ‘आखर’ ऐप से जुड़ेंगी नई पीढ़ियां

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देहरादून। उत्तराखंड की लोकभाषाओं के संरक्षण और उन्हें नई पीढ़ी तक पहुंचाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए ऐप आधारित पॉकेट शब्दकोश ‘आखर’ का लोकार्पण श्री दरबार साहिब में किया गया। सज्जादे गद्दी नशीन परम पूज्य महंत देवेन्द्र दास महाराज ने ऐप का उद्घाटन करते हुए इसे मातृभाषाओं के संरक्षण, संवर्धन और प्रचार-प्रसार की दिशा में दूरदर्शी पहल बताया तथा कर्नल (डॉ.) डी.पी. डिमरी और उनकी टीम को शुभकामनाएं दीं।

कर्नल (डॉ.) डी.पी. डिमरी ने अपनी सहयोगी टीम पृथवी, सरस्वती, नरेंद्र, उर्मिला सिंह और पूरन के साथ मिलकर ‘आखर’ ऐप विकसित किया है। हिंदी, अंग्रेजी, गढ़वाली, कुमाऊँनी और जौनसारी भाषाओं को समाहित करने वाला यह डिजिटल शब्दकोश दैनिक जीवन में प्रयोग होने वाले शब्दों, वाक्यांशों और मुहावरों को सरलता से समझने और अपनाने में मदद करेगा।

भारतीय सेना में सेवाएं दे चुके तथा भारत सरकार में कौशल एवं उद्यमिता सलाहकार के रूप में कार्य कर चुके कर्नल (डॉ.) डी.पी. डिमरी ने कहा कि ‘आखर’ विश्वभर में बसे उत्तराखंडियों, प्रवासी भारतीयों और नई पीढ़ी को अपनी भाषा, संस्कृति और जड़ों से जोड़ने का प्रभावी माध्यम बनेगा। इससे परिवारों, सामाजिक आयोजनों और सांस्कृतिक कार्यक्रमों में स्थानीय भाषाओं के प्रयोग को भी बढ़ावा मिलेगा।

उन्होंने बताया कि उपयोगकर्ताओं से मिल रहे सुझावों और सकारात्मक प्रतिक्रियाओं के आधार पर ऐप को लगातार और समृद्ध बनाया जाएगा। जल्द ही यह गूगल प्लेटफॉर्म पर भी उपलब्ध होगा, जिससे अधिक से अधिक लोग इसका लाभ उठा सकेंगे।

समारोह में रेखा डिमरी सहित अनेक गणमान्य लोग मौजूद रहे। उल्लेखनीय है कि कर्नल (डॉ.) डी.पी. डिमरी उत्तराखंड की भाषा, संस्कृति और शिक्षा के संरक्षण के लिए लगातार सक्रिय हैं। वे समय-समय पर आर्थिक रूप से कमजोर मेधावी विद्यार्थियों को छात्रवृत्तियां भी उपलब्ध कराते हैं।

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