देहरादून। उच्च शिक्षा का उद्देश्य केवल ज्ञान अर्जन तक सीमित नहीं, बल्कि स्वस्थ शरीर, संतुलित मन और संवेदनशील व्यक्तित्व का निर्माण भी है। इसी सोच को केंद्र में रखते हुए श्री गुरु राम राय विश्वविद्यालय (एसजीआरआरयू) में छात्रों के समग्र स्वास्थ्य, तनाव प्रबंधन और स्वस्थ जीवनशैली को लेकर एक दिवसीय काउंसलिंग एवं मोटिवेशनल कार्यक्रम आयोजित किया गया। आईक्यूएसी सेल के सहयोग से हुए कार्यक्रम में श्री महंत इन्दिरेश अस्पताल के विशेषज्ञ चिकित्सकों ने मानसिक स्वास्थ्य, भावनात्मक संतुलन, पोषण और योग से जुड़े महत्वपूर्ण पहलुओं पर छात्रों से संवाद किया।
विश्वविद्यालय के ऑडिटोरियम में आयोजित कार्यक्रम का शुभारंभ डायरेक्टर आईक्यूएसी डॉ. सोनिया गंभीर, वरिष्ठ मनोरोग विशेषज्ञ डॉ. मोहन ध्यानी, मेडिकल ऑन्कोलॉजिस्ट डॉ. निशांत सिन्हा, डीन योगा एंड नेचुरोपैथी डॉ. कंचन जोशी, डीन स्टूडेंट वेलफेयर डॉ. मालविका कांडपाल तथा डायटीशियन प्रीति ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर किया।
वरिष्ठ मनोरोग विशेषज्ञ डॉ. मोहन ध्यानी ने कॉलेज जीवन में परीक्षा, अपेक्षाओं और बदलती जीवनशैली के बीच उत्पन्न होने वाले मानसिक तनाव पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि तनाव को समय रहते पहचानना और उसका उचित प्रबंधन जरूरी है। भावनात्मक परेशानियों को भीतर दबाने के बजाय परिवार, शिक्षकों अथवा मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञों से संवाद करने की सलाह उन्होंने छात्रों को दी।
मेडिकल ऑन्कोलॉजिस्ट डॉ. निशांत सिन्हा ने युवावस्था को स्वस्थ आदतें विकसित करने का महत्वपूर्ण चरण बताते हुए संतुलित जीवनशैली अपनाने पर जोर दिया। उन्होंने तंबाकू एवं अन्य हानिकारक पदार्थों से दूरी, संतुलित आहार और नियमित शारीरिक गतिविधि को स्वास्थ्य संरक्षण के महत्वपूर्ण आधार बताया। साथ ही असामान्य स्वास्थ्य लक्षणों को नजरअंदाज न करने और आवश्यकता पड़ने पर समय से चिकित्सकीय परामर्श लेने की सलाह दी।
डीन योगा एंड नेचुरोपैथी डॉ. कंचन जोशी ने मन, शरीर और भावनाओं के बीच संतुलन स्थापित करने में योग, प्राणायाम और ध्यान की उपयोगिता पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि नियमित योगाभ्यास छात्रों की एकाग्रता, आत्मअनुशासन और मानसिक शांति को बेहतर बनाने में सहायक हो सकता है।
डायटीशियन प्रीति ने संतुलित एवं पौष्टिक आहार को स्वस्थ जीवनशैली की आधारशिला बताते हुए नियमित समय पर भोजन करने, पर्याप्त पानी पीने तथा फल-सब्जियों सहित पोषक खाद्य पदार्थों को दैनिक आहार में शामिल करने की सलाह दी। उन्होंने अनियमित खानपान और अत्यधिक जंक फूड के सेवन को कम करने पर भी जोर दिया।
कार्यक्रम का विशेष आकर्षण विशेषज्ञ चिकित्सकों और छात्रों के बीच हुआ सीधा संवाद रहा। छात्रों ने मानसिक स्वास्थ्य, पोषण, तनाव और दैनिक जीवनशैली से जुड़े सवाल पूछे, जिनका विशेषज्ञों ने समाधानपरक जवाब दिया। कार्यक्रम में एसजीआरआरयू की सैकड़ों छात्राओं ने प्रतिभाग किया।
मंच संचालन मिस सिमरन अग्रवाल ने किया, जबकि कार्यक्रम का समन्वय मिस आयुषी आहलूवालिया ने किया।
