1955 से आस्था की लौ जला रही सुभाष बनखंडी श्रीरामलीला, 7 अक्टूबर से होगा भव्य मंचन

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ऋषिकेश। धर्मनगरी ऋषिकेश के सुभाष बनखंडी रामलीला प्रांगण में 7 से 21 अक्टूबर तक भगवान श्रीराम के आदर्शों और रामचरितमानस के प्रसंगों पर आधारित 66वीं रामलीला का भव्य मंचन किया जाएगा। शनिवार को आयोजित पत्रकार वार्ता में कमेटी पदाधिकारियों ने तैयारियों और कार्यक्रमों की जानकारी दी।

कमेटी अध्यक्ष अशोक थापा, महामंत्री योगेश कालड़ा और कोषाध्यक्ष रणवीर सिंह पाल ने बताया कि वर्ष 1955 से संचालित सुभाष बनखंडी श्री रामलीला कमेटी की ओर से हर वर्ष रामलीला का मंचन किया जाता है। इस बार भी स्थानीय कलाकार भगवान श्रीराम के जीवन चरित्र और रामचरितमानस के प्रमुख प्रसंगों को मंच पर जीवंत करेंगे।

–डिजिटल तकनीक से सजेगा मंच

इस वर्ष रामलीला को आकर्षक और आधुनिक स्वरूप देने के लिए पहली बार डिजिटल एलईडी गेट और चलित बैकग्राउंड का प्रयोग किया जाएगा। इससे विभिन्न प्रसंगों के अनुरूप दृश्य बदलते रहेंगे और दर्शकों को मंचन का नया अनुभव मिलेगा।

—घर-घर पहुंचेगा रामलीला का संदेश

कमेटी ने इस वर्ष महिला मंडल का गठन भी किया है। महिला मंडल की सदस्याएं घर-घर जाकर रामलीला और सनातन संस्कृति के प्रचार-प्रसार के साथ बच्चों और युवाओं को भगवान श्रीराम के आदर्श चरित्र एवं रामचरितमानस के प्रसंगों से जोड़ने का प्रयास कर रही हैं।

—7 अक्टूबर से शुरू होगा मंचन

कार्यक्रम के अनुसार 7 अक्टूबर को गणेश पूजन, श्रवण कुमार, राजा दशरथ संवाद और कैलाश लीला से रामलीला का शुभारंभ होगा। इसके बाद मंथरा-कैकेयी, श्रीराम वनवास, सीता जन्म, राम जन्म, ताड़का वध, सीता स्वयंवर, परशुराम संवाद, पंचवटी, सीता हरण, जटायु प्रसंग, शबरी मिलन, राम-सुग्रीव मित्रता, बाली वध और सीता की खोज सहित विभिन्न प्रसंगों का मंचन किया जाएगा।

17 अक्टूबर को हनुमान-रावण संवाद और लंका दहन, जबकि 18 अक्टूबर को विभीषण शरणागत, सेतुबंध, रामेश्वर पूजा और अंगद-रावण संवाद प्रमुख आकर्षण रहेंगे। 19 अक्टूबर को लक्ष्मण शक्ति तथा 20 अक्टूबर को मेघनाद वध, कुंभकर्ण वध, रावण वध और राम विजय का मंचन होगा।

–21 अक्टूबर को भरत मिलाप, श्रीराम राज्याभिषेक, रंगारंग कार्यक्रम और पुरस्कार वितरण के साथ 66वीं रामलीला का समापन होगा।

कमेटी ने बताया कि आवश्यकता के अनुसार कार्यक्रम में परिवर्तन किया जा सकता है। मंच पर किसी अतिरिक्त कार्यक्रम के लिए एक दिन पूर्व अध्यक्ष या महामंत्री से संपर्क करना होगा। रामलीला प्रांगण में नशीले पदार्थों का सेवन पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगा और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

कमेटी ने नगरवासियों और श्रद्धालुओं से रामलीला प्रांगण पहुंचकर धार्मिक एवं सांस्कृतिक आयोजन में सहभागिता करने की अपील की।

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