गुरुकुल कांगड़ी की विरासत और आधुनिक शिक्षा का संगम बनाने का संकल्प

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हरिद्वार। गुरुकुल कांगड़ी विद्यालय विभाग शिक्षक-शिक्षकेत्तर वेलफेयर एसोसिएशन के नव निर्वाचित पदाधिकारियों का मंगलवार को भव्य सम्मान किया गया। इस अवसर पर प्रदेश कांग्रेस कमेटी उत्तराखंड के महामंत्री एवं वरिष्ठ समाजसेवी संजय पालीवाल ने पदाधिकारियों का अभिनंदन करते हुए विद्यालय के विकास, शिक्षकों एवं कर्मचारियों के कल्याण तथा आधुनिक शिक्षा व्यवस्था से जुड़े विभिन्न विषयों पर विस्तृत चर्चा की।

पालीवाल धर्मशाला में आयोजित सम्मान समारोह में एसोसिएशन के अध्यक्ष रविकांत मलिक, पूर्व अध्यक्ष अश्वनी कुमार, कोषाध्यक्ष संजन सिंह तथा धीरज कौशिक को पटका पहनाकर एवं पुष्पगुच्छ भेंट कर सम्मानित किया गया। समारोह में शिक्षकों, कर्मचारियों और पदाधिकारियों की उल्लेखनीय उपस्थिति रही।

इस अवसर पर संजय पालीवाल ने कहा कि गुरुकुल कांगड़ी की शैक्षिक एवं सांस्कृतिक विरासत देशभर में अपनी विशिष्ट पहचान रखती है। उन्होंने कहा कि किसी भी शिक्षण संस्थान की सफलता उसके शिक्षकों, कर्मचारियों और प्रबंधन के समन्वित प्रयासों पर निर्भर करती है। उन्होंने विश्वास जताया कि नई कार्यकारिणी विद्यालय के शैक्षणिक माहौल को और अधिक सुदृढ़ बनाने, कर्मचारियों की समस्याओं के समाधान तथा विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए प्रभावी कार्य करेगी।

उन्होंने कहा कि गुरुकुल की गौरवशाली परंपराओं को संरक्षित रखते हुए आधुनिक शिक्षा की आवश्यकताओं के अनुरूप नए आयाम स्थापित करने होंगे, ताकि संस्था राष्ट्रीय स्तर पर और अधिक प्रतिष्ठा अर्जित कर सके।

एसोसिएशन के अध्यक्ष रविकांत मलिक ने सम्मान के लिए आभार व्यक्त करते हुए कहा कि संगठन शिक्षकों एवं कर्मचारियों के हितों की रक्षा के साथ-साथ विद्यालय के समग्र विकास को सर्वोच्च प्राथमिकता देगा। उन्होंने कहा कि शैक्षणिक गुणवत्ता, अनुशासन, पारदर्शिता और कार्य संस्कृति को बेहतर बनाने के लिए नई कार्यकारिणी पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य करेगी।

पूर्व अध्यक्ष अश्वनी कुमार ने शिक्षा क्षेत्र में तेजी से हो रहे बदलावों का उल्लेख करते हुए कहा कि विद्यार्थियों को रोजगारपरक और तकनीकी शिक्षा से जोड़ना समय की आवश्यकता है। उन्होंने कौशल आधारित एवं व्यावसायिक पाठ्यक्रमों को बढ़ावा देने पर बल देते हुए कहा कि इससे छात्रों को बेहतर रोजगार अवसर मिलेंगे और संस्था की आर्थिक स्थिति भी सुदृढ़ होगी।

कोषाध्यक्ष संजन सिंह ने कहा कि गुरुकुल कांगड़ी विद्यालय केवल एक शिक्षण संस्थान नहीं, बल्कि वैदिक संस्कृति, भारतीय ज्ञान परंपरा और नैतिक मूल्यों का महत्वपूर्ण केंद्र है। उन्होंने कहा कि यहां से शिक्षा प्राप्त कर चुके अनेक विद्यार्थी विभिन्न क्षेत्रों में देश और समाज की सेवा कर रहे हैं, जो संस्था की गौरवशाली उपलब्धि है।

बैठक में विद्यालय के विकास, छात्रों के हितों, शिक्षकों एवं कर्मचारियों के कल्याण तथा संस्था की दीर्घकालिक योजनाओं पर भी विचार-विमर्श किया गया। वक्ताओं ने कहा कि गुरुकुल कांगड़ी की ऐतिहासिक विरासत और वैदिक शिक्षा को आधुनिक तकनीक एवं वैश्विक शिक्षा मानकों के साथ जोड़कर विद्यार्थियों को भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करना होगा।

कार्यक्रम में अभय त्यागी सहित एसोसिएशन के अन्य पदाधिकारी, शिक्षक एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। सभी ने नव निर्वाचित कार्यकारिणी को शुभकामनाएं देते हुए संगठन की सफलता और विद्यालय की निरंतर प्रगति की कामना की।

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